“आज शनिवार को भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव की जयंती के अवसर पर देशभर के प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके अविस्मरणीय योगदान को याद किया।“
देशभर के नेताओं ने साझा की श्रद्धांजलि
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
उन्होंने राव को महान राजनेता और विद्वान बताया। उनके अनुसार, उनके कार्यकाल में भारत ने आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय विकास में नई ऊंचाइयां छुईं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे
खड़गे ने लिखा:
“उनके नेतृत्व में जो आर्थिक उदारीकरण हुआ, उसने भारत को एक नई दिशा दी। ये सुधार मध्यम वर्ग के उत्थान के लिए निर्णायक रहे।”
उन्होंने ‘लुक ईस्ट’ नीति को भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत करने वाली पहल बताया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
“राव जी के आर्थिक सुधारों ने देश के लिए समृद्धि के द्वार खोले। आने वाली पीढ़ियां उन्हें सुधारों के अग्रदूत के रूप में याद रखेंगी।”
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान
“भारत रत्न पी.वी. नरसिम्हा राव जी एक महान नेता और प्रेरणास्रोत थे, जिनके फैसलों ने भारत की दिशा बदल दी।”
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
“उनका दूरदर्शी नेतृत्व भारत के आर्थिक इतिहास में नया अध्याय लेकर आया।”
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी
“वे आर्थिक सुधारों के शिल्पकार थे। उनका योगदान वैश्विक पहचान और प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करने में अमूल्य है।”
राव का ऐतिहासिक योगदान: 1991 के आर्थिक सुधार
पी.वी. नरसिम्हा राव को भारत में आर्थिक उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण (LPG Model) का जनक माना जाता है। 1991 में:
- वित्तीय संकट से उबरने के लिए
- नई आर्थिक नीति लाई गई
- विदेशी निवेश को प्रोत्साहित किया गया
- लाइसेंस राज में ढील दी गई
यह परिवर्तन भारत की अर्थव्यवस्था को मुक्त और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने वाला साबित हुआ।
लुक ईस्ट पॉलिसी: कूटनीतिक दूरदर्शिता का उदाहरण
नरसिम्हा राव ने ‘Look East Policy’ की शुरुआत कर भारत के पूर्वी और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ व्यापार और कूटनीतिक संबंध मजबूत किए, जो आज ‘Act East Policy’ का आधार बना।
एक बहुभाषाविद और शिक्षाविद
- राव 17 भाषाओं के ज्ञाता थे
- उन्होंने साहित्य, दर्शन और कानून में गहरी रुचि दिखाई
- उनका शासन संतुलित था— आर्थिक सुधार + सामाजिक समावेश
