“मंगलवार सुबह पड़ोसी देश नेपाल में एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.1 मापी गई। इसका असर नेपाल के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भी देखने को मिला। झटके महसूस होते ही लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए।“
भूकंप का केंद्र नेपाल के लोबुचे में था
यूएसजीएस अर्थक्वेक्स के अनुसार, भूकंप का केंद्र नेपाल के लोबुचे से 93 किमी उत्तर-पूर्व में था। भूकंप के झटके सुबह 6 बजकर 35 मिनट पर महसूस किए गए। इस भूकंप की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसका असर भारत के कई राज्यों में भी देखने को मिला।
बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में महसूस हुए झटके
नेपाल में आए भूकंप का असर भारत के बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ इलाकों में भी महसूस किया गया। झटके महसूस होते ही कई लोग दहशत में अपने घरों से बाहर आ गए। हालांकि फिलहाल किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
नेपाल में लगातार आ रहे हैं भूकंप के झटके
हाल के वर्षों में नेपाल में बार-बार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। 21 दिसंबर 2024 को भी नेपाल में 4.8 तीव्रता का भूकंप आया था। इससे पहले, अप्रैल 2015 में नेपाल में 7.8 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था। उस दौरान लगभग 9,000 लोगों की मौत हो गई थी और 20,000 से अधिक लोग घायल हुए थे। उस भूकंप ने नेपाल में भारी तबाही मचाई थी।
नेपाल भूकंप प्रवण क्षेत्र में स्थित है
नेपाल भूकंप के लिए बेहद संवेदनशील क्षेत्र है। यह हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, जहां दो विशाल टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने की संभावना रहती है। यही कारण है कि यहां अक्सर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं।
भूकंप के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
- भूकंप के झटके महसूस होते ही घर से बाहर किसी खुले स्थान पर जाएं।
- इमारतों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
- यदि बाहर निकलना संभव न हो, तो टेबल या बेड के नीचे छिप जाएं।
- फोन का उपयोग केवल आपात स्थिति में करें।
- भूकंप रुकने के बाद ही घर में वापस जाएं।
