भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि वह दीपावली से देपसांग और डेमचोक क्षेत्रों में पेट्रोलिंग शुरू करेगी। यह कदम लद्दाख की लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर सुरक्षा स्थिति को मजबूत करने के लिए उठाया जा रहा है। इसके साथ ही, सेना ने यह भी घोषणा की है कि वह एलएसी पर तैनात सैनिकों की संख्या में कोई कमी नहीं करेगी।
पेट्रोलिंग का उद्देश्य
आर्मी का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब एलएसी पर स्थिति स्थिर नहीं है और पिछले कुछ समय से तनाव बना हुआ है। देपसांग और डेमचोक जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में पेट्रोलिंग का उद्देश्य सुरक्षा को सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित खतरे का सामना करने के लिए तैयार रहना है।
भारतीय सेना की रणनीति
भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि एलएसी पर सैनिकों की तैनाती को बनाए रखा जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की स्थिति का सामना किया जा सके। यह कदम न केवल भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा, बल्कि यह यह भी सुनिश्चित करेगा कि सीमा पर कोई भी स्थिति का उचित तरीके से समाधान किया जा सके।
हालात की समीक्षा
हाल ही में, भारतीय सेना ने अपने मौजूदा रणनीतिक ढांचे की समीक्षा की है और यह निर्णय लिया है कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोई भी कमी नहीं की जाएगी। इस प्रक्रिया में विभिन्न सुरक्षा पहलुओं का मूल्यांकन किया गया है, और यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध रहें।
सुरक्षा चिंताएँ
विशेषज्ञों का मानना है कि एलएसी पर स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए, पेट्रोलिंग और तैनाती को बढ़ाना एक आवश्यक कदम है। पिछले कुछ वर्षों में, भारत और चीन के बीच तनाव कई बार बढ़ चुका है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर खतरे का संकेत मिलता है।
