“भारत सेमीकंडक्टर निर्माण में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहा है। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम), टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (टीईपीएल) और टाटा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीएसएमपीएल) ने गुजरात के धोलेरा में देश का पहला व्यावसायिक चिप निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए फिसकल सपोर्ट एग्रीमेंट (एफएसए) पर हस्ताक्षर किए हैं।“
भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा
गांधीनगर में आयोजित ‘सेमी कनेक्ट कॉन्फ्रेंस’ के दौरान इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की उपस्थिति में हुए इस समझौते से भारत में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले निर्माण इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। यह पहल भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के निर्माण की प्रतिबद्धता
धोलेरा में बनने वाला यह चिप कारखाना 91,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ स्थापित किया जा रहा है। इसकी क्षमता प्रति माह 50,000 वेफर्स स्टार्ट (डब्ल्यूएसपीएम) होगी। ‘भारत सेमीकंडक्टर मिशन’ के तहत सरकार इस परियोजना की लागत का 50 प्रतिशत वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। यह कदम भारत में एक वर्ल्ड क्लास सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस परियोजना से 20,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
वैश्विक तकनीकी गठबंधन और नई संभावनाएं
यह परियोजना ताइवान की पावर चिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन (पीएसएमसी) की विशेषज्ञता को भारत में लाएगी। इससे भारत में सेमीकंडक्टर तकनीक का तेजी से विकास होगा और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। इस पहल से भारत के ऑटोमोटिव, कंप्यूटिंग, कम्युनिकेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्रों में बड़ी प्रगति होने की संभावना है।
सरकार की पूर्ण समर्थन की प्रतिबद्धता
भारत सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) के सीईओ सुशील पाल ने बताया कि सरकार इस प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए समय पर वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस फैसिलिटी से भारत को सेमीकंडक्टर उत्पादन के क्षेत्र में एक वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने में मदद मिलेगी।
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की अहम भूमिका
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स इस वैल्यू चेन को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह परियोजना भारत को एक टेक्नोलॉजी कंज्यूमर से ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस में बदलने में मदद करेगी।
