“दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना की पहल पर, सर्विसेज डिपार्टमेंट ने 618 DSS (दिल्ली सबऑर्डिनेट सर्विस) और स्टेनो कैडर के कर्मचारियों को समय से पहले प्रमोशन दिया है। यह कदम कर्मचारियों के बीच निराशा और असंतोष को दूर करने के लिए उठाया गया था, क्योंकि पिछले कई सालों से प्रमोशन नहीं होने के कारण कर्मचारी संघर्ष कर रहे थे।“
प्रमोशन का उद्देश्य और लाभ
कर्मचारियों के प्रमोशन न होने के कारण उनके मनोबल में गिरावट आ रही थी, जो कि उनके काम में कमी का कारण बन रही थी। अब इस पहल से कर्मचारियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार होगा, जिससे दिल्ली सरकार की कार्यक्षमता में भी सुधार की संभावना है।
नियमों में ढील देकर समय से पहले प्रमोशन
सर्विस डिपार्टमेंट ने नियमों में ढील दी और 618 कर्मचारियों को उनके निर्धारित समय से पहले प्रमोशन दिया। सामान्यतः इन कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 तक प्रमोशन के पात्र होना था, लेकिन उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सर्विस डिपार्टमेंट को नियमों में ढील देने का निर्देश दिया। UPSC से मंजूरी प्राप्त करने के बाद इन कर्मचारियों को समय से पहले प्रमोशन दिया गया।
प्रमोशन पाने वाले कर्मचारी
प्रमोशन पाने वाले कर्मचारियों में:
- 404 ग्रुप-II (DSS) कर्मचारियों को ग्रुप-I (DSS) के पद पर प्रमोशन दिया गया है। इसमें 308 सामान्य वर्ग, 62 SC, 22 ST और 12 दिव्यांग कर्मचारी शामिल हैं।
- 57 पर्सनल असिस्टेंट (PA) को प्राइवेट सेक्रेटरी (PS) के पद पर प्रमोट किया गया है, जिसमें 30 सामान्य वर्ग और 27 SC अधिकारी शामिल हैं।
- 157 स्टेनोग्राफर ग्रेड-III को PA के पद पर प्रमोट किया गया है। इनमें 117 सामान्य वर्ग, 37 SC, 1 ST और 2 दिव्यांग कर्मचारी हैं।
यह पहल न केवल कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ावा देगी, बल्कि दिल्ली सरकार की कार्यक्षमता और प्रशासनिक प्रक्रिया में सुधार लाएगी। उपराज्यपाल वीके सक्सेना की यह पहल कर्मचारियों और प्रशासन दोनों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है, जिससे कामकाजी माहौल में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
