मंगलवार को Sensex Nifty Stock Market गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। घरेलू शेयर बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी आई। कारोबारी सत्र के अंत में Sensex और Nifty 50 दोनों ही लाल निशान में बंद हुए। वैश्विक संकेत कमजोर रहे। अमेरिका की व्यापार नीतियों को लेकर अनिश्चितता बनी रही। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया। इसका असर आईटी, बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर में साफ दिखा। कई दिग्गज शेयरों में मुनाफावसूली हावी रही।
विशेषज्ञों का कहना है कि हालिया तिमाही नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। इससे बाजार की धारणा कमजोर हुई। इसके साथ ही डॉलर मजबूत होने और बॉन्ड यील्ड बढ़ने से उभरते बाजारों से पूंजी बाहर जा रही है। हालांकि, जानकार मानते हैं कि यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर भी बन सकती है। मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों में धीरे-धीरे खरीदारी की रणनीति अपनाई जा सकती है। बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
यह विश्लेषण Durgesh Sharma | Suryoday Samachar के लिए तैयार किया गया है, ताकि निवेशकों को सरल और भरोसेमंद जानकारी मिल सके।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. Sensex और Nifty में गिरावट की मुख्य वजह क्या है?
वैश्विक अनिश्चितता, कमजोर कमाई और विदेशी निवेशकों की बिकवाली प्रमुख कारण हैं।
Q2. क्या अभी निवेश करना सही रहेगा?
लंबी अवधि के निवेशक चुनिंदा मजबूत शेयरों पर ध्यान दे सकते हैं।
Q3. किन सेक्टरों पर ज्यादा असर पड़ा है?
आईटी, बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे हैं।

