“दिल्ली सरकार ने आम लोगों की सुविधा के लिए एक अहम फैसला लिया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में ‘दिल्ली मित्र’ मोबाइल ऐप को लॉन्च करने की मंजूरी दी गई। इस ऐप के जरिए राजधानी के नागरिक अपनी शिकायतें सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे।“
अब विभागों के चक्कर नहीं लगाने होंगे
अभी तक लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन अब यह ऐप नागरिकों को घर बैठे शिकायत दर्ज करने और समाधान पाने की सुविधा देगा।
नागरिकों के सुझाव पर बना ऐप
दिलचस्प बात यह है कि इस ऐप का सुझाव खुद दिल्ली के नागरिकों ने दिया था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भेजे गए एक पत्र में लोगों ने ऐसा ऐप बनाने की मांग की थी। सरकार ने इस सुझाव को गंभीरता से लिया और इसे मंजूरी दे दी।
दिल्ली मित्र ऐप की खासियतें
हर वर्ग के लिए आसान उपयोग
इस ऐप को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि इसे हर उम्र और हर वर्ग का व्यक्ति आसानी से इस्तेमाल कर सके।
पारदर्शिता और जवाबदेही में बढ़ोतरी
सरकार का मानना है कि इस ऐप से न केवल लोगों का समय बचेगा बल्कि सरकारी विभागों की जवाबदेही और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
नर्सिंग इंटर्न्स के स्टाइपेंड में बड़ा इजाफा
कैबिनेट बैठक में एक और बड़ा फैसला लिया गया। दिल्ली सरकार ने नर्सिंग इंटर्न्स का स्टाइपेंड 500 रुपये से बढ़ाकर 13,150 रुपये प्रति माह कर दिया।
180 नर्सिंग इंटर्न्स को मिलेगा फायदा
फिलहाल दिल्ली में करीब 180 नर्सिंग इंटर्न कार्यरत हैं। सरकार का कहना है कि इस फैसले से उनका मनोबल बढ़ेगा और जीवनयापन में आसानी होगी।
शिक्षा और रोजगार दोनों को मजबूती
बढ़ा हुआ स्टाइपेंड न केवल उनके दैनिक जीवन को सहारा देगा बल्कि नर्सिंग शिक्षा और हेल्थ सेक्टर में युवा प्रतिभाओं को जोड़ने में भी मददगार साबित होगा।
नागरिक सेवाओं में डिजिटल बदलाव
डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में कदम
‘दिल्ली मित्र’ मोबाइल ऐप, सरकार के डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल है। इसके जरिए नागरिकों और सरकार के बीच सीधा संवाद संभव होगा।
समय और संसाधनों की बचत
ऑनलाइन शिकायत प्रणाली से न केवल लोगों का समय बचेगा, बल्कि विभागों पर भी काम का दबाव कम होगा।
दिल्ली सरकार के दो बड़े फैसले – ‘दिल्ली मित्र’ मोबाइल ऐप की मंजूरी और नर्सिंग इंटर्न्स का बढ़ा हुआ स्टाइपेंड – आम नागरिकों और युवाओं दोनों के लिए राहत भरे हैं। एक ओर यह ऐप लोगों की शिकायतों का समाधान आसान बनाएगा, वहीं दूसरी ओर नर्सिंग इंटर्न्स को आर्थिक सहारा देगा। दोनों कदम यह दिखाते हैं कि सरकार नागरिकों की जरूरतों और युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता दे रही है।
