डिंडौरी हीमोग्लोबिन परीक्षण स्वास्थ्य शिविरडिंडौरी में महिलाओं का सामूहिक हीमोग्लोबिन परीक्षण

मध्य प्रदेश के जनजातीय बहुल डिंडौरी जिले ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। डिंडौरी महिला स्वास्थ्य अभियान के तहत एक ही दिन में 48 हजार से अधिक बालिकाओं और महिलाओं की जांच कर नया रिकॉर्ड बनाया गया। इस उल्लेखनीय प्रयास से जिले का नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ है।

यह अभियान “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” योजना के अंतर्गत संचालित “सुगढ़ टूरी – आज स्वस्थ, कल सशक्त” कार्यक्रम का हिस्सा रहा। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों में एनीमिया की पहचान कर समय पर इलाज सुनिश्चित करना था। डिंडौरी हीमोग्लोबिन परीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर व्यापक स्तर पर काम किया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए इसे महिला स्वास्थ्य और पोषण के प्रति राज्य की मजबूत प्रतिबद्धता बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियान समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। डिंडौरी हीमोग्लोबिन परीक्षण ने यह साबित किया है कि सही योजना और जनभागीदारी से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। यह पहल अन्य जिलों के लिए भी एक प्रेरक मॉडल बनकर उभरी है।
Durgesh Sharma | Suryoday Samachar

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

प्रश्न 1:डिंडौरी महिला स्वास्थ्य अभियान का उद्देश्य क्या था?
उत्तर: महिलाओं और बालिकाओं में एनीमिया की पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित करना।

प्रश्न 2: एक दिन में कितनी जांच की गईं?
उत्तर: 48 हजार से अधिक महिलाओं और बालिकाओं की हीमोग्लोबिन जांच की गई।

प्रश्न 3: यह अभियान किस योजना के तहत चला?
उत्तर: बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत “सुगढ़ टूरी” अभियान के तहत।

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