Suryoday Samachar | Durgesh Sharma देश के प्रमुख निजी बैंकों में शामिल ICICI Bank ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। ICICI Bank results के मुताबिक, बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 4 प्रतिशत घटकर 11,318 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह मुनाफा 11,792 करोड़ रुपये था। मुनाफे में यह गिरावट मुख्य रूप से प्रावधानों में तेज बढ़ोतरी के कारण देखी गई।

हालांकि, ICICI Bank results यह भी दिखाते हैं कि बैंक की कोर ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस मजबूत बनी हुई है। तीसरी तिमाही में नेट इंटरेस्ट इनकम 7.7 प्रतिशत बढ़कर 21,932 करोड़ रुपये हो गई। नेट इंटरेस्ट मार्जिन 4.30 प्रतिशत पर स्थिर रहा, जो बैंक के ब्याज कारोबार की मजबूती को दर्शाता है।

एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी ICICI Bank results सकारात्मक संकेत देते हैं। दिसंबर 2025 के अंत तक ग्रॉस एनपीए घटकर 1.53 प्रतिशत और नेट एनपीए 0.37 प्रतिशत पर आ गया। यह आंकड़े बैंक की बेहतर रिकवरी और जोखिम प्रबंधन नीति को दर्शाते हैं।

वहीं, प्रावधानों की बात करें तो इस तिमाही में बैंक ने 2,556 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। इसमें कृषि प्राथमिकता क्षेत्र से जुड़े कुछ खातों पर अतिरिक्त प्रावधान भी शामिल हैं, जो नियामकीय समीक्षा के बाद किए गए।

कुल मिलाकर, ICICI Bank results यह संकेत देते हैं कि अल्पकाल में मुनाफे पर दबाव है, लेकिन बैंक की बुनियादी स्थिति और बैलेंस शीट मजबूत बनी हुई है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. ICICI Bank का Q3 में मुनाफा क्यों घटा?
प्रावधानों में बढ़ोतरी और ट्रेजरी से नुकसान के कारण मुनाफा घटा।

Q2. क्या ICICI Bank की एसेट क्वालिटी सुधरी है?
हां, ग्रॉस और नेट एनपीए दोनों में सुधार दर्ज किया गया है।

Q3. क्या ICICI Bank results निवेशकों के लिए नकारात्मक हैं?
नहीं, कोर ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस और पूंजी स्थिति मजबूत बनी हुई है।

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