तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले NDA vs DMK की राजनीतिक जंग खुलकर सामने आ गई है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने राज्य में NDA के चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए DMK सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। मदुरंथकम में आयोजित रैली में पीएम मोदी ने कहा कि तमिलनाडु की जनता अब “भ्रष्ट DMK शासन” को विदाई देने का मन बना चुकी है।
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि NDA की विकास-केंद्रित नीतियां और क्षेत्रीय आकांक्षाओं के प्रति प्रतिबद्धता लोगों को आकर्षित कर रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी दोहराया कि तमिलनाडु अब बदलाव चाहता है। NDA vs DMK का यह बयान राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
वहीं, मुख्यमंत्री M K Stalin ने पीएम मोदी के आरोपों पर कड़ा पलटवार किया। स्टालिन ने कहा कि प्रधानमंत्री केवल चुनाव के समय तमिलनाडु आते हैं और केंद्र सरकार ने राज्य की कई अहम मांगों को अनदेखा किया है। उन्होंने समग्र शिक्षा योजना के बकाया फंड, मनरेगा भुगतान, एम्स मदुरै परियोजना और NEET से छूट जैसे मुद्दे उठाए।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, NDA vs DMK की यह लड़ाई केवल सत्ता तक सीमित नहीं है। इसमें केंद्र-राज्य संबंध, संघवाद और विकास मॉडल जैसे मुद्दे भी शामिल हैं। आने वाले दिनों में यह सियासी टकराव और तेज होने की उम्मीद है।
— Suryoday Samachar | Durgesh Shrma
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. NDA vs DMK विवाद क्यों बढ़ा है?
तमिलनाडु चुनाव से पहले भ्रष्टाचार और लंबित मांगों को लेकर दोनों दल आमने-सामने हैं।
Q2. पीएम मोदी ने DMK पर क्या आरोप लगाए?
पीएम मोदी ने DMK सरकार को भ्रष्ट बताते हुए बदलाव की बात कही।
Q3. स्टालिन की मुख्य आपत्तियां क्या हैं?
स्टालिन ने केंद्र पर फंड रोकने और राज्य की अनदेखी का आरोप लगाया।

