भारतीय शेयर बाजार में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर तेजी से उभर रहा है और इसी सेक्टर की प्रमुख कंपनी Suzlon Energy एक बार फिर निवेशकों के रडार पर है। ब्रोकरेज हाउस और मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सुजलॉन एनर्जी शेयर आने वाले समय में बेहतर रिटर्न दे सकता है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति में बड़ा सुधार देखने को मिला है। पहले जहां सुजलॉन एनर्जी कर्ज के बोझ से जूझ रही थी, अब उसने लगातार अपने कर्ज को कम किया है। इससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत हुई है और कैश फ्लो में भी सुधार आया है।
पनी का मुख्य फोकस विंड एनर्जी पर है। भारत में पवन ऊर्जा इंस्टॉलेशन में सुजलॉन एनर्जी की हिस्सेदारी करीब 35% मानी जाती है। इसके पास लगभग 17 गीगावॉट का O&M पोर्टफोलियो और 6.5 GW का मजबूत ऑर्डर बुक है, जो भविष्य की कमाई को सपोर्ट करता है। ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के अनुसार FY25 में कंपनी के रेवेन्यू और मुनाफे में तेज ग्रोथ दर्ज की गई है। EBITDA मार्जिन में भी लगातार सुधार हो रहा है। यही कारण है कि सुजलॉन एनर्जी शेयर को लेकर निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। सरकार की रिन्यूएबल एनर्जी नीतियां और 2030 तक ग्रीन एनर्जी पर बढ़ता फोकस सुजलॉन एनर्जी के लिए बड़े अवसर पैदा कर रहा है।
— Durgesh Sharma | Suryoday Samachar
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. क्या सुजलॉन एनर्जी शेयर लॉन्ग टर्म निवेश के लिए सही है?
हां, मजबूत ऑर्डर बुक, घटता कर्ज और सेक्टर ग्रोथ इसे लॉन्ग टर्म के लिए आकर्षक बनाते हैं।
Q2. सुजलॉन एनर्जी का मुख्य बिजनेस क्या है?
कंपनी विंड टरबाइन मैन्युफैक्चरिंग, EPC और O&M सेवाओं में काम करती है।
Q3. क्या शेयर में रिस्क है?
हर शेयर की तरह इसमें भी मार्केट रिस्क है, लेकिन मौजूदा फंडामेंटल्स पहले से बेहतर हैं।

