विश्व स्वास्थ्य संगठन World Health Organization ने हंटावायरस संक्रमण को लेकर नई चेतावनी जारी की है। यह वायरस मुख्य रूप से चूहों और अन्य कृंतकों के जरिए फैलता है। विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमित चूहों के मूत्र, मल और लार से निकले वायरस कण हवा में मिलकर इंसानों तक पहुंच सकते हैं। बंद कमरों, पुराने गोदामों और जंगल क्षेत्रों में इसका खतरा अधिक माना जाता है। हंटावायरस संक्रमण के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे दिखाई देते हैं।
मरीज को बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द, थकान, ठंड लगना और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई मामलों में संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचकर गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर पहचान और इलाज से खतरा कम किया जा सकता है। फिलहाल हंटावायरस संक्रमण के लिए कोई विशेष टीका उपलब्ध नहीं है। इसलिए बचाव सबसे जरूरी माना जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ साफ-सफाई बनाए रखने, घरों को चूहों से मुक्त रखने और सफाई के दौरान मास्क व दस्ताने पहनने की सलाह दे रहे हैं।
FAQ
Q1. हंटावायरस संक्रमण कैसे फैलता है?
यह संक्रमण संक्रमित चूहों के मल, मूत्र और लार से फैलता है।
Q2. हंटावायरस संक्रमण के मुख्य लक्षण क्या हैं?
बुखार, सिरदर्द, थकान, शरीर दर्द और सांस लेने में परेशानी इसके प्रमुख लक्षण हैं।
Q3. क्या हंटावायरस संक्रमण का इलाज मौजूद है?
फिलहाल इसका कोई विशेष टीका या एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है।
Prem Chand | Suryoday Samachar

