Parakram Diwas 2026 Netaji Subhas Chandra Bose celebrationपराक्रम दिवस 2026 पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि

Durgesh Sharma | Suryoday Samachar भारत सरकार का संस्कृति मंत्रालय नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर पराक्रम दिवस 2026 का आयोजन पूरे देश में भव्य स्तर पर कर रहा है। यह आयोजन 23 जनवरी 2026 को मुख्य रूप से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के श्री विजय पुरम में संपन्न होगा। इसका उद्देश्य भारत के स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी के अद्वितीय योगदान को स्मरण करना और नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरित करना है। पराक्रम दिवस 2026 केवल एक स्मृति दिवस नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रभक्ति, साहस और आत्मबल का प्रतीक बन चुका है। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, देशभक्ति गीत, नाट्य प्रस्तुतियाँ और ऐतिहासिक प्रदर्शनियाँ आयोजित की जाएँगी।

देश के प्रसिद्ध कलाकारों के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं को भी मंच दिया जाएगा, जिससे सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन से जुड़े दुर्लभ चित्र और ऐतिहासिक प्रसंग प्रदर्शित किए जाएँगे। इसके साथ ही लोक कला, जनजातीय हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों की झलक भी देखने को मिलेगी। पराक्रम दिवस 2026 युवाओं में राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध जगाने का एक सशक्त माध्यम है। यह आयोजन यह संदेश देता है कि स्वतंत्रता केवल इतिहास नहीं, बल्कि निरंतर प्रेरणा है। नेताजी के विचार आज भी भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा दिखाते हैं।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

प्रश्न 1: पराक्रम दिवस 2026 क्यों मनाया जाता है?
उत्तर: यह दिवस नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उनके साहस और योगदान को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है।

प्रश्न 2: पराक्रम दिवस 2026 का मुख्य आयोजन कहाँ होगा?
उत्तर: मुख्य आयोजन अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के श्री विजय पुरम में होगा।

प्रश्न 3: इस आयोजन का युवाओं के लिए क्या महत्व है?
उत्तर: यह युवाओं को राष्ट्रभक्ति, नेतृत्व और आत्मबल की प्रेरणा देता है।

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