“सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है, और इसी महीने में प्रकृति की शक्ति अपने चरम पर होती है। इस पावन समय में यदि तुलसी के पौधे पर मंजरी (फूल की डंडी) आ जाए, तो इसे शुभ संकेत माना जाता है।“
तुलसी की मंजरी को देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है और यह घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाने वाली मानी जाती है।
मंजरी क्या होती है और इसका धार्मिक महत्व
तुलसी की मंजरी यानी फूलों के साथ जो पतली डंडी निकलती है, वो ‘मंजरी’ कहलाती है। यह कोई साधारण पुष्प नहीं, बल्कि धार्मिक दृष्टिकोण से शुद्धता, संपन्नता और पुण्य की प्रतीक है।
शास्त्रों के अनुसार, मंजरी का भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को अर्पण करना विशेष पुण्य फलदायी होता है।
अगर सावन में तुलसी पर मंजरी आए तो क्या करें? जानिए विशेष उपाय
1. मंजरी को तोड़कर जल में डालें और पूरे घर में छिड़कें
- इससे घर से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है
- वातावरण शुद्ध और सकारात्मक बनता है
- मानसिक शांति और स्वास्थ्य में सुधार आता है
2. मंजरी को गंगाजल में मिलाकर रोज पूजा स्थल में छिड़कें
- गंगाजल और मंजरी का मिश्रण घर की आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाता है
- इससे देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है
3. मंजरी को चंदन के साथ मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें
- सावन शिव भक्ति का महीना है
- मंजरी शिव को अर्पण करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं
4. मंजरी को तकिए के नीचे रखें
- यह उपाय स्वप्न दोष, भय, अनिद्रा और मानसिक तनाव से राहत दिलाने में सहायक होता है
- इससे नींद अच्छी आती है और नकारात्मक सपनों से बचाव होता है
5. मंजरी को पीले कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें
- यह उपाय आर्थिक समृद्धि और धन की वृद्धि के लिए किया जाता है
- साथ ही यह नजर दोष से भी रक्षा करता है
तुलसी मंजरी के आयुर्वेदिक और वास्तु लाभ
- वास्तु दोष निवारण: मंजरी को घर के चारों कोनों में जल में मिलाकर छिड़कने से वास्तु दोष दूर होता है
- हवा में शुद्धता: तुलसी और उसकी मंजरी एंटी-बैक्टीरियल होती है
- ह्रदय रोगों में लाभदायक: आयुर्वेद में तुलसी की मंजरी का सेवन उच्च रक्तचाप, सर्दी-जुकाम और हृदय स्वास्थ्य में लाभकारी बताया गया है
क्या न करें: तुलसी मंजरी से जुड़ी गलतियां
- संध्या या रात के समय तुलसी से मंजरी न तोड़ें
- मंजरी तोड़ने से पहले हाथ धो लें और शुद्ध मन रखें
- तुलसी पर कभी पैर न लगाएं, यह अशुद्ध माना जाता है
- मंजरी तोड़ने के बाद उसे कहीं फेंके नहीं, धार्मिक कार्यों में उपयोग करें
सावन और तुलसी: आध्यात्मिक रिश्ता
सावन शिव उपासना का महीना है, और तुलसी भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रिय है।
दोनों के मेल से शिव-विष्णु एकता का प्रतीक बनता है, जो जीवन में संतुलन, शांति और स्थायित्व का संकेत है।
सावन में तुलसी पर मंजरी आना इस बात का संकेत है कि ईश्वर आपके घर की ऊर्जा को सकारात्मक बना रहे हैं, अब आपको बस इन्हें सही ढंग से उपयोग में लाना है।
Sawan 2025 का यह पवित्र महीना यदि आपके घर की तुलसी पर मंजरी लेकर आता है, तो यह कोई संयोग नहीं — यह दैवीय संदेश है।
इस शुभ समय में आप उपयुक्त धार्मिक और वास्तु उपायों को अपनाकर:
अपने जीवन से नकारात्मकता को दूर कर सकते हैं
घर में शांति और समृद्धि ला सकते हैं
अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार ला सकते हैं
